सुरक्षा नियमों में कमी या मानवीय भूल हादसों के लिए जिम्मेदार!
मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है । सरकार चेकिंग अभियान चलाकर वाहनों पर कार्रवाई के जरिए हादसों को रोकने की कोशिश कर रही है । सरकार की ये कोशिश सरकारी खजाने को भरने के लिए ठीक है , लेकिन बात हर साल बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने की करें , तो सरकार फेल ही साबित होती है । वही एक और वाहनों के टकराव और उचित सड़क सुरक्षा उपायों की अनदेखी के कारण सड़क हादसा बेहद आम होता जा रहा है। सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और वाहनों की भिड़ंत से हादसों से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ रही है। सभी सड़कें पूरे दिन के लिये व्यस्त होती हैं जहाँ वाहन अपने उच्च गति से दौड़ाते है। वर्तमान में लोगों को अपने नीजि वाहनों की आदत है जिसकी वजह से सड़कों पर यातायात की समस्या पहले के मुकाबले ज्यादा बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में , सावधानीपूर्वक सुरक्षित चालन की क्रिया के लिये यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा नियमों का अनुसरण लोगों से अपेक्षित है। तब जाकर कहीं सड़क हादसों पर काबू पाया जा सकेगा। सड़क हादसे कितने खतरनाक होते हैं , इन हादसों के शिकार लोगों पर क्या गुजरती है , उनके परिजनों से बेहतर भला कौन समझ...