निष्पक्ष पत्रकारिता को नये आयामों की जरुरत !
स्वतंत्र ,निर्भिक और निष्पक्ष पत्रकारिता ही आज समय परिस्तिथि काल की मांग है| जो लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करता है | हमारा देश विश्व में सबसे युवा देश है| युवा देश होने के कारण युवाओ के मत का प्रभाव देश विकास में अहम् भागीदारी के रूप में है | आज युवाओं को अच्छे मंच की अवश्यकता है, जिसकें द्वारा वह अपनी बात को बेबाकी से रख सकें| 2017 के विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत का स्थान 2016 के मुकाबले तीन पायदान नीचे रहा है| इसमें भारत को 136वां स्थान मिला है, जो पत्रकारिता के लिए ‘ मुश्किल परिस्थिति ’ वाले देशों की श्रेणी है| हमारे देश में “ स्वतंत्र निष्पक्ष पत्रकारिता ही आज हों कहा रहीं है? कुछ पत्रकारिता संस्थान को छोड़कर जनहित, सामजिक मुद्दे आज कहा कोई उठा रहा हैं? आज की पत्रकारिता अपनी सहूलियत के हिसाब से की जा रही हैं | लगभग सभी पत्रकारिता संस्थान किसी ना किसी विचारधारा को लेकर चल रहे हैं, जो विश्वनियता पर कई सवाल खड़े करते हैं| क्या पत्रकारिता को चौथा स्तंभ कहना सिर्फ बातो में ही रह गया है? पत्रकारिता का निष्पक्षता से दूर होने के मुख्य कारण पेड़ न्यूज़ ,और बढ़ता राजनैतिक दखल हैं| इन...